कुरान - 26:38 सूरह अश-शुअरा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

38
فَجُمِعَ ٱلسَّحَرَةُ لِمِيقَٰتِ يَوۡمٖ مَّعۡلُومٖ

Transliteration: (Fa jumi'as saharatu limeeqaati Yawmim ma'loom)

पस एक मुक़र्रर दिन के तयशुदा वक़्त पर तमाम जादूगर इकट्ठा कर लिए गए [46]; (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अश-शुअरा आयत 38 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

तफ़सीर सूरह अश-शुआरा – आयत 38

"पस एक मुक़र्रर दिन के तयशुदा वक़्त पर तमाम जादूगर इकट्ठा कर लिए गए [46];"

[46] 'यौमुज़-ज़ीना' (मेले का दिन) पर मुक़ाबला

फ़िरऔन ने अपने सालाना जश्न और मेले के दिन (यौमुज़-ज़ीना) चाश्त के वक़्त का दिन मुक़र्रर किया ताकि पूरी सल्तनत के लोग अपनी आँखों से मुक़ाबला देख सकें। हज़ारों माहिर जादूगर अपने सामान के साथ मैदान में जमा हो गए।

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