कुरान - 26:40 सूरह अश-शुअरा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

40
لَعَلَّنَا نَتَّبِعُ ٱلسَّحَرَةَ إِن كَانُواْ هُمُ ٱلۡغَٰلِبِينَ

Transliteration: (La'allanaa nattabi'us saharata in kaanoo humul ghaalibeen)

ताकि हम जादूगरों ही की पैरवी करें [47] अगर वे ग़ालिब आ जाएं [48]।' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अश-शुअरा आयत 40 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

तफ़सीर सूरह अश-शुआरा – आयत 40

"ताकि हम जादूगरों की पैरवी करें [47] अगर वे ग़ालिब आ जाएं [48]।"

[48] हक़ के मुक़ाबले में बातिल की हिमायत का मंसूबा

लोगों की ख़्वाहिश यह थी कि जादूगर जीत जाएं ताकि वे अपने आबाई बुतपरस्ती और फ़िरऔनी दीन पर क़ायम रह सकें। वे सच्चाई की तलाश में नहीं बल्कि तमाशा देखने और जादूगरों की जीत का जश्न मनाने आए थे।

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