कुरान - 26:41 सूरह अश-शुअरा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

41
فَلَمَّا جَآءَ ٱلسَّحَرَةُ قَالُواْ لِفِرۡعَوۡنَ أَئِنَّ لَنَا لَأَجۡرًا إِن كُنَّا نَحۡنُ ٱلۡغَٰلِبِينَ

Transliteration: (Falammaa jaaa'as saharatu qaaloo li Fir'awna a'inna lanaa la ajjran in kunnaa nahnul ghaalibeen)

फिर जब जादूगर आ गए, तो उन्होंने फ़िरऔन से कहा, 'क्या हमारे लिए कोई बड़ा इनाम होगा अगर हम ही ग़ालिब रहे?' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अश-शुअरा आयत 41 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

तफ़सीर सूरह अश-शुआरा – आयत 41

"फिर जब जादूगर आए, तो फ़िरऔन से कहा, 'क्या हमारे लिए इनाम होगा अगर हम ग़ालिब रहे?'"

जादूगरों ने मैदान में उतरने से पहले फ़िरऔन से दुनियावी लालच और माद्दि मुफ़ादात की बात की। यह अहले-बातिल का तरीक़ा है कि वे हर काम दुनियावी दौलत के लिए करते हैं, जबकि अल्लाह के नबी सिर्फ़ रज़ा-ए-इलाही के लिए काम करते हैं।

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