कुरान - 26:42 सूरह अश-शुअरा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

42
قَالَ نَعَمۡ وَإِنَّكُمۡ إِذٗا لَّمِنَ ٱلۡمُقَرَّبِينَ

Transliteration: (Qaala na'am wa innakum izal laminal muqarrabeen)

(फ़िरऔन ने) कहा, 'हाँ! और उस वक़्त तुम यक़ीनन (मेरे) ख़ास मुक़र्रबों में से होगे [49]।' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अश-शुअरा आयत 42 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

तफ़सीर सूरह अश-शुआरा – आयत 42

"(फ़िरऔन ने) कहा, 'हाँ! और उस वक़्त तुम यक़ीनन मुक़र्रबों में से होगे [49]।"

[49] फ़िरऔन का शाही मन्सब और कुर्बत का लालच

फ़िरऔन ने उन्हें न सिर्फ़ बहुत ज़्यादा माल-ओ-दौलत देने का वादा किया बल्कि यह भी कहा कि तुम मेरे दरबार के सबसे ख़ास मुशीर, वज़ीर और मुक़र्रब दरबारी बन जाओगे।

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