Transliteration: (Fa alqaw hibaalahum wa 'isiyyahum wa qaaloo bi'izzati Fir'awna innaa lanahnul ghaaliboon)
"तो उन्होंने रस्सियां और लाठियां डाल दीं और बोले, 'फ़िरऔन की इज़्ज़त की क़सम! हम ही ग़ालिब रहेंगे [51]!'"
जादूगरों ने हज़ारों रस्सियाँ और लाठियाँ ज़मीन पर फेंकीं जिनमें पारा (Mercury) भरा हुआ था। धूप की गर्मी से वे रस्सियाँ सांपों की तरह बल खाने और दौड़ने लगीं, और जादूगर फ़िरऔन की इज़्ज़त की झूठी क़सम खाकर अपनी जीत का दावा करने लगे।
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