कुरान - 26:73 सूरह अश-शुअरा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

73
أَوۡ يَنفَعُونَكُمۡ أَوۡ يَضُرُّونَ

Transliteration: (Aw yanfa'oonakum aw yadurroon)

या क्या वे तुम्हें कोई नफ़ा पहुंचा सकते हैं या कोई नुक़सान कर सकते हैं [79]?' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अश-शुअरा आयत 73 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

तफ़सीर सूरह अश-शुआरा – आयत 73

"'या क्या वे तुम्हें कोई नफ़ा पहुंचा सकते हैं या कोई नुक़सान कर सकते हैं [79]?'"

[79] बातिल माबूदों की बेबसी का मुदल्लल सबूत

हज़रत इब्राहीम ने पूछा: क्या ये बुत किसी बीमार को शिफ़ा दे सकते हैं, किसी मुसीबतज़दा की मदद कर सकते हैं, या तुम्हारी नाफ़रमानी पर तुम्हें कोई नुक़सान पहुंचा सकते हैं? जो न सुन सके, न देख सके, न नफ़ा दे सके न नुक़सान, वह माबूद कैसे हो सकता है?

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