Transliteration: (Antum wa aabaaa'ukumul aqdamoon)
"तुम भी और तुम्हारे पहले गुज़रे हुए बाप-दादा भी [81];"
हज़रत इब्राहीम ने वाज़ेह किया कि जब कोई अमल बुनियाद ही से ग़लत और बातिल हो, तो तुम्हारे बाप-दादा का उसे करना उसे सही नहीं बना सकता। हर इंसान अल्लाह की बारगाह में अपनी अक़्ल और अमल का खुद ज़िम्मेदार है।
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