कुरान - 26:77 सूरह अश-शुअरा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

77
فَإِنَّهُمۡ عَدُوّٞ لِّيٓ إِلَّا رَبَّ ٱلۡعَٰلَمِينَ

Transliteration: (Fa innahum 'aduwwwul leee illaa Rabbal 'aalameen)

पस बेशक वे सब के सब मेरे दुश्मन हैं [82], सिवाय तमाम जहानों के रब (अल्लाह) के [83]! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अश-शुअरा आयत 77 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

तफ़सीर सूरह अश-शुआरा – आयत 77

"पस बेशक वे सब के सब मेरे दुश्मन हैं [82], सिवाय तमाम जहानों के रब के [83]!"

[82] शिर्क और बुतों से मुकम्मल बेज़ारी का एलान

हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम ने खुले लफ़्ज़ों में एलान फ़रमाया कि तुम्हारे ये तमाम बुत मेरे दुश्मन हैं और मैं इनसे बिल्कुल बेज़ार हूँ। अगर इनमें कोई ताक़त है तो मेरा कुछ बिगाड़ कर दिखाएं!

[83] ख़ालिस तौहीद और रब्बुल आलमीन की इबादत

मेरा माबूद सिर्फ़ वह रब्बुल आलमीन है जिसने पूरी कायनात बनाई और जो तमाम नेमतों का देने वाला है।

Sign up for Newsletter

×

Download Our Quran App

For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.

Download Now