कुरान - 26:79 सूरह अश-शुअरा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

79
وَٱلَّذِي هُوَ يُطۡعِمُنِي وَيَسۡقِينِ

Transliteration: (Wallazee Huwa yut'imunee wa yasqeen)

और वही जो मुझे खिलाता है और मुझे पिलाता है [85]; (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अश-शुअरा आयत 79 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

तफ़सीर सूरह अश-शुआरा – आयत 79

"और वही जो मुझे खिलाता है और मुझे पिलाता है [85];"

[85] हक़ीक़ी राज़िक़ सिर्फ़ अल्लाह है

इंसान की ज़िन्दगी की बक़ा खाने और पीने पर मुनहसिर है। हज़रत इब्राहीम ने फ़रमाया कि अनाज, पानी, फल और रिज़्क़ का हर लुक़्मा देने वाला सिर्फ़ और सिर्फ़ अल्लाह तआला है। बुत तो खुद दूसरों के आगे पड़े रहते हैं, वे किसी को क्या खिलाएंगे?

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