Transliteration: (Wa izaa maridtu fahuwa yashfeen)
"और जब मैं बीमार होता हूँ, तो वही मुझे शिफ़ा अता फ़रमाता है [86];"
हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम के अदब का कमाल देखिए कि बीमारी की निस्बत अपनी तरफ़ की ('जब मैं बीमार होता हूँ') ताकि अल्लाह की तरफ़ ऐब की निस्बत न हो, और शिफ़ा की निस्बत ख़ालिस अल्लाह की तरफ़ की ('वही मुझे शिफ़ा देता है')। दुनिया की तमाम दवाइयाँ और डॉक्टर ज़रिया हैं, अस्ल शिफ़ा बख़्शने वाला सिर्फ़ शाफ़ी-ए-मुतलक़ (अल्लाह) है।
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