कुरान - 26:81 सूरह अश-शुअरा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

81
وَٱلَّذِي يُمِيتُنِي ثُمَّ يُحۡيِينِ

Transliteration: (Wallazee yumeetunee summa yuhyeen)

और वही जो मुझे मौत देगा, फिर मुझे (क़ियामत के दिन) दोबारा ज़िन्दा करेगा [87]; (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अश-शुअरा आयत 81 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

तफ़सीर सूरह अश-शुआरा – आयत 81

"और वही जो मुझे मौत देगा, फिर मुझे दोबारा ज़िन्दा करेगा [87];"

[87] हयात व ममात का मुतलक़ मालिक

ज़िन्दगी की मोहलत ख़त्म होने पर मौत देना और फिर क़ियामत के दिन हश्र के मैदान में हिसाब-किताब के लिए दोबारा ज़िन्दा करके उठाना सिर्फ़ अल्लाह के इख़्तियार में है।

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