Transliteration: (Tallaahi in kunnaa lafee dalaalim mubeen)
"'अल्लाह की क़सम! बेशक हम तो खुली गुमराही में मुब्तला थे;"
जहन्नम में गिरने के बाद मुशरिक अपनी बदबख़्ती का एतराफ़ करते हुए क़सम खाकर कहेंगे कि हक़ीक़त में हम ही खुली गुमराही और नादानी में डूबे हुए थे कि हमने हक़ की आवाज़ और अल्लाह के सच्चे नबियों की हिदायत को ठुकरा दिया था।
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