Transliteration: (Wa maaa adallanaaa illal mujrimoon)
"और हमें तो बस उन मुजरिमों ही ने गुमराह किया था [103];"
दोज़ख़ी अपनी गुमराही का सारा ठीकरा उन बड़े-बड़े मुजरिमों, काफ़िर सरदारों और इब्लीस पर फोड़ने की कोशिश करेंगे जिन्होंने अपनी दौलत, ताक़त और मक्कारी से अवाम को सीधे रास्ते से भटकाया था। लेकिन वहां यह उज़्र क़बूल न होगा क्योंकि अक़्ल व शऊर होने के बावजूद उन्होंने हक़ को पहचानने से इंकार किया था।
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