कुरान - 26:99 सूरह अश-शुअरा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

99
وَمَآ أَضَلَّنَآ إِلَّا ٱلۡمُجۡرِمُونَ

Transliteration: (Wa maaa adallanaaa illal mujrimoon)

और हमें तो बस उन मुजरिमों (सरदारों और शैतानों) ही ने गुमराह किया था [103]; (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अश-शुअरा आयत 99 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

तफ़सीर सूरह अश-शुआरा – आयत 99

"और हमें तो बस उन मुजरिमों ही ने गुमराह किया था [103];"

[103] मुजरिम सरदारों और शैतानों पर इल्ज़ाम-तराशी

दोज़ख़ी अपनी गुमराही का सारा ठीकरा उन बड़े-बड़े मुजरिमों, काफ़िर सरदारों और इब्लीस पर फोड़ने की कोशिश करेंगे जिन्होंने अपनी दौलत, ताक़त और मक्कारी से अवाम को सीधे रास्ते से भटकाया था। लेकिन वहां यह उज़्र क़बूल न होगा क्योंकि अक़्ल व शऊर होने के बावजूद उन्होंने हक़ को पहचानने से इंकार किया था।

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