कुरान - 11:97 सूरह हूद अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

97
إِلَىٰ فِرۡعَوۡنَ وَمَلَإِيْهِۦ فَٱتَّبَعُوٓاْ أَمۡرَ فِرۡعَوۡنَۖ وَمَآ أَمۡرُ فِرۡعَوۡنَ بِرَشِيدٖ

Transliteration: (Ilaa Fir'awna wa mala'ihee fattaba'ooo amra Fir'awna wa maaa amru Fir'awna birasheed)

फ़िरऔन और उसके सरदारों की तरफ़ [197], तो उन लोगों ने फ़िरऔन ही के हुक्म की पैरवी की। और फ़िरऔन का हुक्म कोई हिदायत पर न था [198]। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह हूद आयत 97 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरा हूद – आयत 97 की तफ़्सीर

✅ [197] फ़िरऔन और उसके दरबारियों की सरकशी

फ़िरऔन की क़ौम ने मोजिज़ात देखकर भी मूसा (अलै.) की पैरवी नहीं की बल्कि अपने ज़ालिम बादशाह फ़िरऔन के हुक्म के आगे सर झुकाया।

✅ [198] ज़ालिम हुक्मरान की गुमराही

फ़िरऔन का हर फ़ैसला ज़ुल्म, गुमराही और तबाही पर मबनी था।

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