कुरान - 11:95 सूरह हूद अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

95
كَأَن لَّمۡ يَغۡنَوۡاْ فِيهَآۗ أَلَا بُعۡدٗا لِّمَدۡيَنَ كَمَا بَعِدَتۡ ثَمُودُ

Transliteration: (Ka-al-lam yaghnaw feehaaa; alaa bu'dal li Madyana Kamaa ba'idat Samood)

गोया वे कभी वहाँ बसे ही न थे। सुन लो! मदयन के लिए भी वैसी ही दूरी (हलाकत) हुई जैसी समूद के लिए हुई थी [195]। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह हूद आयत 95 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरा हूद – आयत 95 की तफ़्सीर

✅ [195] मदयन और समूद का यकसां अंजाम

जैसे क़ौमे समूद चीख़ के अज़ाब से मिटा दी गई, वैसे ही क़ौमे मदयन को भी अल्लाह की रहमत से दूर करके तबाहो-बर्बाद कर दिया गया।

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