कुरान - 11:93 सूरह हूद अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

93
وَيَٰقَوۡمِ ٱعۡمَلُواْ عَلَىٰ مَكَانَتِكُمۡ إِنِّي عَٰمِلٞۖ سَوۡفَ تَعۡلَمُونَ مَن يَأۡتِيهِ عَذَابٞ يُخۡزِيهِ وَمَنۡ هُوَ كَٰذِبٞۖ وَٱرۡتَقِبُوٓاْ إِنِّي مَعَكُمۡ رَقِيبٞ

Transliteration: (Wa yaa qawmi' maloo 'alaa makaanatikum innee 'aamilun sawfa ta'lamoona many ya'teehi 'azaabuny yukhzeehi wa man huwa kaazib; wartaqibooo innnee ma'akum raqeeb)

'और ऐ मेरी क़ौम! तुम अपनी जगह काम किए जाओ [190], मैं अपना काम करता हूँ। अनक़रीब तुम्हें मालूम हो जाएगा कि किस पर वह अज़ाब आता है जो उसे रुसवा कर देगा, और कौन झूठा है। और तुम भी इंतिज़ार करो, मैं भी तुम्हारे साथ इंतिज़ार करता हूँ [191]।' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह हूद आयत 93 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरा हूद – आयत 93 की तफ़्सीर

✅ [190] हक़ व बातिल का खुला फ़ैसला

यह इजाज़त नहीं बल्कि सख़्त तंबीह है कि तुम अपनी सरकशी पर जमे रहो और मैं अपने दीन पर क़ायम हूँ; जल्द ही सच और झूठ का फ़ैसला सामने आ जाएगा।

✅ [191] अंजाम का इंतिज़ार

हज़रत शुऐब (अलै.) ने फ़रमाया कि तुम मेरे ख़ात्मे का इंतिज़ार करो, और मैं अल्लाह के वादे के मुताबिक़ तुम्हारे ऊपर अज़ाब नाज़िल होने का मुंतज़िर हूँ।

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