कुरान - 11:94 सूरह हूद अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

94
وَلَمَّا جَآءَ أَمۡرُنَا نَجَّيۡنَا شُعَيۡبٗا وَٱلَّذِينَ ءَامَنُواْ مَعَهُۥ بِرَحۡمَةٖ مِّنَّا وَأَخَذَتِ ٱلَّذِينَ ظَلَمُواْ ٱلصَّيۡحَةُ فَأَصۡبَحُواْ فِي دِيَٰرِهِمۡ جَٰثِمِينَ

Transliteration: (Wa lammaa jaaa'a amrunaa najjainaa shu'aibanw wal lazeena aamanoo ma'ahoo birahmatim minnaa wa akhazatil lazeena zalamus saihatu fa asbahoo fee diyaarihim jaasimeen)

और जब हमारा हुक्म आ पहुंचा [192], तो हमने अपनी ख़ास रहमत से शुऐब को और उनके साथ ईमान लाने वालों को बचा लिया [193], और ज़ालिमों को एक भयानक चीख़ ने आ पकड़ा [194], तो वे सुबह के वक़्त अपने घरों में औंधे पड़े रह गए। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह हूद आयत 94 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरा हूद – आयत 94 की तफ़्सीर

✅ [192] अज़ाबे इलाही का हुक्म

अल्लाह का तक़दीरी फ़ैसला आ गया जिसने मुनकिरीन को हमेशा के लिए नेस्तो-नाबूद कर दिया।

✅ [193] अहले ईमान की नजात

अल्लाह ने अपने प्यारे नबी हज़रत शुऐब (अलै.) और तमाम मोमिनों को अज़ाब के इलाक़े से सलामती के साथ बाहर निकाल लिया।

✅ [194] ख़ौफ़नाक चीख़ का अज़ाब

क़ौमे मदयन पर पहले सात दिन तक शदीद गर्मी और धूप मुसल्लत की गई, फिर बादल का साया आया जिसके नीचे वे जमा हुए, तो उस बादल से आग बरसी और हज़रत जिब्रील (अलै.) की भयानक चीख़ ने उनके दिल फाड़ दिए।

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