कुरान - 19:93 सूरह मरयम अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

93
إِن كُلُّ مَن فِي ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلۡأَرۡضِ إِلَّآ ءَاتِي ٱلرَّحۡمَٰنِ عَبۡدٗا

Transliteration: (In kullu man fis samaawaati wal ardi illaaa aatir Rahmaani 'abdaa)

आसमानों और ज़मीन में जो कोई भी है, सब के सब रहमान के हुज़ूर बन्दे (ग़ुलाम) बनकर ही हाज़िर होने वाले हैं। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह मरयम आयत 93 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह मरयम - आयत 93

✅ कायनात की हर मख़्लूक़ अल्लाह की बन्दी है

ज़मीन व आसमान के तमाम फ़रिश्ते, इंसान, जिन्नात और अंबिया (हज़रत ईसा व उज़ैर समेत) सब अल्लाह की मख़्लूक़ और उसके आजिज़ बन्दे हैं। कोई उसका शरीक या बेटा नहीं है।

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