कुरान - 106:1 सूरह क़ुरैश अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

1
لِإِيلَٰفِ قُرَيۡشٍ

Transliteration: (Li-eelaafi quraish )

1.कुरैश के लगाव के कारण [1] (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह क़ुरैश आयत 1 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

कुरैश और उनकी वंशावली
(Quraish and Their Lineage)

कुरैश कौन हैं?
नज़र बिन कनाना की औलाद को कुरैश कहा जाता है। कुरैश अपने ऊंचे lineage (वंश) के लिए मशहूर हैं, क्योंकि ये हज़रत इब्राहिम [on whom be peace] की नस्ल से हैं।

हज़रत मुहम्मद (صَلَّى اللّٰهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ) की नस्ल:
हज़रत मुहम्मद (صَلَّى اللّٰهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ) का genealogy (वंश वृक्ष) इस तरह है:
मुहम्मद, बेटे अब्दुल्लाह, बेटे अब्दुल मुत्तलिब, बेटे हाशिम, बेटे अब्द मनाफ़, बेटे क़ुसै, बेटे किलाब, बेटे मुर्रा, बेटे काब, बेटे लुवै, बेटे ग़ालिब, बेटे फहर, बेटे मालिक, बेटे नज़र बिन कनाना।

उनकी इज़्ज़त और मक़ाम (status):
कुरैश को बहुत बड़ा respect (सम्मान) हासिल था, क्योंकि ये हरम (Sacred Mosque) से जुड़े हुए थे, काबा के रखवाले थे और जमजम के कुंए की देखभाल करते थे। यह honour (इज़्ज़त) आज भी कायम है, क्योंकि इनका ताल्लुक़ हज़रत मुहम्मद (صَلَّى اللّٰهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ) से है।

'कुरैश' का मतलब:
'कुरैश' का लफ्ज़ "क़रश" से निकला है, जिसका मतलब है "ग़ालिब आना" (to obtain mastery)। यह बड़ाई और फज़ीलत (excellence) को बयान करता है।

यह उस समुंदरी जानवर 'क़रश' (shark) जैसा है, जो बाकी तमाम मख़लूक़ात (creatures) को खा लेता है लेकिन खुद को कोई हरा नहीं सकता।
(स्रोत: तफ़सीर अज़ीज़ी, वगैरह)।

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