कुरान - 38:52 सूरह साद अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

52
۞وَعِندَهُمۡ قَٰصِرَٰتُ ٱلطَّرۡفِ أَتۡرَابٌ

Transliteration: (Wa 'indahum qaasiraatut tarfi atraab)

और उनके पास नीची निगाह वाली औरतें होंगी [101], जो अपने शौहरों के सिवा किसी को न देखेंगी [102], हम-उम्र! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह साद आयत 52 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह साद तफ़सीर - आयत 52

"और उनके पास नीची निगाह वाली औरतें होंगी [101], जो अपने शौहरों के सिवा किसी को न देखेंगी [102], हम-उम्र!"

[101] जन्नत की पाकीज़ा रफ़ीक़-ए-हयात

इनमें दुनिया की मोमिना बीवियां और जन्नत की हूरें शामिल होंगी जो हुस्न व पाकीज़गी का शाहकार होंगी।

[102] शर्म व हया और हम-उम्री

उनकी निगाहें सिर्फ़ अपने शौहरों पर होंगी, जो हया और वफ़ा की इंतहा है। सब तीस-तैंतीस साल की हम-उम्र और सदा जवान होंगी।

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