कुरान - 38:84 सूरह साद अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

84
قَالَ فَٱلۡحَقُّ وَٱلۡحَقَّ أَقُولُ

Transliteration: (Qaala falhaqq, walhaqqa aqool)

(अल्लाह ने) फ़रमाया: तो हक़ यही है [141], और मैं हक़ ही फ़रमाता हूँ [142]! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह साद आयत 84 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह साद तफ़सीर - आयत 84

"(अल्लाह ने) फ़रमाया: तो हक़ यही है [141], और मैं हक़ ही फ़रमाता हूँ [142]!"

[141] इलाही फ़ैसले की हक़्क़ानियत

अल्लाह तआला का फ़रमान अटल और ना-क़ाबिले तब्दील हक़ीक़त है।

[142] कलाम-ए-इलाही की सिद्क़ात

अल्लाह तआला का कलाम सरासर सच है। जिस तरह अल्लाह का कोई शरीक नहीं हो सकता, उसी तरह उसके कलाम में झूट का कोई शाइबा भी मुम्किन नहीं।

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