कुरान - 38:86 सूरह साद अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

86
قُلۡ مَآ أَسۡـَٔلُكُمۡ عَلَيۡهِ مِنۡ أَجۡرٖ وَمَآ أَنَا۠ مِنَ ٱلۡمُتَكَلِّفِينَ

Transliteration: (Qul maaa as'alukum 'alaihi min ajrinw wa maaa ana minal mutakallifeen)

आप फ़रमा दीजिए: मैं इस (क़ुरआन) पर तुमसे कोई उजरत नहीं माँगता [145], और न ही मैं बनावट (दिखावा) करने वालों में से हूँ [146]! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह साद आयत 86 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह साद तफ़सीर - आयत 86

"आप फ़रमा दीजिए: मैं इस (क़ुरआन) पर तुमसे कोई उजरत नहीं माँगता [145], और न ही मैं बनावट (दिखावा) करने वालों में से हूँ [146]!"

[145] बे-ग़रज़ दावत

हुज़ूर ﷺ की तब्लीग़ महज़ रज़ा-ए-इलाही के लिए है, आप उम्मत से किसी दुनियावी बदले या माल के तलबगार नहीं।

[146] तसन्नो और बनावट से पाकी

आपकी हर बात वही-ए-इलाही पर मबनी है, कोई मनघड़ंत या तकल्लुफ़ वाली बात नहीं।

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