कुरान - 12:96 सूरह यूहफ़़ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

96
فَلَمَّآ أَن جَآءَ ٱلۡبَشِيرُ أَلۡقَىٰهُ عَلَىٰ وَجۡهِهِۦ فَٱرۡتَدَّ بَصِيرٗاۖ قَالَ أَلَمۡ أَقُل لَّكُمۡ إِنِّيٓ أَعۡلَمُ مِنَ ٱللَّهِ مَا لَا تَعۡلَمُونَ

Transliteration: (Falammaaa an jaaa'albasheeru alqaahu 'alaa wajhihee fartadda baseeran qaala alam aqul lakum inneee a'lamu minal laahi maa laa ta'lamoon)

फिर जब ख़ुशख़बरी देने वाला आ पहुंचा, तो उसने वह कुर्ता उनके चेहरे पर डाल दिया और तुरंत उनकी आंखें फिर से देखने लगीं। उन्होंने कहा, "क्या मैंने तुमसे नहीं कहा था कि मैं अल्लाह की ओर से वह सब जानता हूँ जो तुम नहीं जानते?" (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह यूहफ़़ आयत 96 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह यूसुफ़ – आयत 96 का हिन्दी अनुवाद और तफ़्सीर

✅ [1] दृष्टि की बहाली और मोजिज़ह

जब बशीर (ख़ुशख़बरी लाने वाले भाई) ने हज़रत यूसुफ़ का कुर्ता हज़रत याक़ूब के चेहरे पर रखा, तो अल्लाह की क़ुदरत से उनकी आंखों का मोतियाबिंद और अंधापन पूरी तरह दूर हो गया और दृष्टि वापस आ गई।

✅ [2] नबी की दूरदर्शिता का प्रमाण

हज़रत याक़ूब ने याद दिलाया कि मैंने तुम्हें पहले ही कहा था कि अल्लाह पर मेरा भरोसा सच्चा है और मुझे उस रब की तरफ़ से वह ज्ञान है जो तुम्हें नहीं।

Sign up for Newsletter

×

Download Our Quran App

For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.

Download Now