कुरान - 12:94 सूरह यूहफ़़ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

94
وَلَمَّا فَصَلَتِ ٱلۡعِيرُ قَالَ أَبُوهُمۡ إِنِّي لَأَجِدُ رِيحَ يُوسُفَۖ لَوۡلَآ أَن تُفَنِّدُونِ

Transliteration: (Wa lammaa fasalatil 'eeru qaala aboohum innee la ajidu reeha Yoosufa law laaa an tufannidoon)

और जब क़ाफ़िला (मिस्र से) रवाना हुआ, तो उनके पिता ने (कनान में बैठे हुए) कहा, "निस्संदेह मुझे यूसुफ़ की ख़ुशबू आ रही है, यदि तुम मुझे बहका हुआ (सठियाया हुआ) न समझो।" (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह यूहफ़़ आयत 94 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह यूसुफ़ – आयत 94 का हिन्दी अनुवाद और तफ़्सीर

✅ [1] पिता की रूहानी बसीरत और ख़ुशबू का अहसास

जैसे ही क़ाफ़िला मिस्र की सरहद से निकला, मीलों दूर कनान में हज़रत याक़ूब ने अपने पास मौजूद लोगों से कहा कि मुझे यूसुफ़ की महक महसूस हो रही है। यह नबी की रूहानी कैफ़ियत और अल्लाह की क़ुदरत का करिश्मा था।

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