कुरान - 96:14 सूरह अल-अलाक़ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

14
أَلَمۡ يَعۡلَم بِأَنَّ ٱللَّهَ يَرَىٰ

Transliteration: (Alam y'alam bi-an nal lahaa yaraa )

14. क्या वह नहीं जानता कि अल्लाह देख रहा है [15] ? (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-अलाक़ आयत 14 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

क्या आप नहीं जानते कि अल्लाह देख रहा है? (Surah Al-Alaq, 96:15)

Did You Not Know That Allah is Seeing?

अहम मतलब (Key Meaning):

  • अल्लाह हर बात को जानने वाला और हर चीज़ को देखने वाला है, चाहे वह अच्छा हो या बुरा।
  • अल्लाह का इंसाफ पक्का है, आज्ञा मानने वालों को इनाम मिलेगा और गुनाह करने वालों को सजा।
  • अल्लाह के हर चीज़ को देखने का एहसास हमें गुनाहों से रोकता है और नेक रास्ते पर चलने के लिए प्रेरित करता है।

अहम बातें (Key Takeaways):

  • अल्लाह हर चीज़ देख रहा है, इसलिए हमें हमेशा उसके हुक्म के मुताबिक़ चलना चाहिए।
  • हर अच्छे और बुरे अमल का हिसाब लिया जाएगा, और अल्लाह से कुछ भी छिपा नहीं है।
  • अल्लाह की मौजूदगी का एहसास हमारे दिलों को गुनाहों से रोकता है और नेकी की तरफ़ ले जाता है।

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