कुरान - 7:113 सूरह अल-आराफ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

113
وَجَآءَ ٱلسَّحَرَةُ فِرۡعَوۡنَ قَالُوٓاْ إِنَّ لَنَا لَأَجۡرًا إِن كُنَّا نَحۡنُ ٱلۡغَٰلِبِينَ

Transliteration: (Wa jaaa'as saharatu Fir'awna qaaloo inna lanaa la ajjran in kunnaa nahnul ghaalibeen)

और जादूगर फ़िरऔन के पास आ गए, उन्होंने कहा: 'अगर हम ग़ालिब आ जाएं तो क्या यक़ीनन हमारे लिए बड़ा इनाम होगा?' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-आराफ आयत 113 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह अल-आअराफ़ - आयत 113

✅ जादूगरों का इनाम का मुतालबा

जादूगरों ने मैदान में उतरने से पहले फ़िरऔन से बड़े माली व दुनियावी इनाम की शर्त रखी।

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