फिर हमने उन पर तूफ़ान [276], टिड्डियाँ [277], जूँ [278], मेंढक [279] और ख़ून [280] भेजा — खुली निशानियाँ। मगर वे घमंड करने लगे और गुनाहगार क़ौम बन गए।
👉 इन सब ख़ुली निशानियों के बावजूद, फिरऔन और उसकी क़ौम घमंड और गुनाह पर जमे रहे, जिससे साबित हुआ कि मोजिज़ात भी उस दिल को हिदायत नहीं दे सकते जो मुहर लगा हो।
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सूरह अल-आराफ आयत 133 तफ़सीर