कुरान - 7:134 सूरह अल-आराफ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

134
وَلَمَّا وَقَعَ عَلَيۡهِمُ ٱلرِّجۡزُ قَالُواْ يَٰمُوسَى ٱدۡعُ لَنَا رَبَّكَ بِمَا عَهِدَ عِندَكَۖ لَئِن كَشَفۡتَ عَنَّا ٱلرِّجۡزَ لَنُؤۡمِنَنَّ لَكَ وَلَنُرۡسِلَنَّ مَعَكَ بَنِيٓ إِسۡرَـٰٓءِيلَ

Transliteration: (Wa lammaa waqa'a 'alaihimur rijzu qaaloo ya Moosad-u lanaa rabbaka bimaa 'ahida 'indaka la'in kashafta 'annar rijza lanu 'minanna laka wa lanursilanna ma'aka Banee Israaa'eel)

और जब उन पर अज़ाब आ पड़ता तो कहते: “ऐ मूसा! अपने रब से हमारे लिए दुआ कर, उस एहद [281] के वसीले से जो उसका तुझसे है। अगर तू हमसे यह अज़ाब हटा दे [282], तो यक़ीनन हम तुझ पर ईमान ले आएँगे और बनी इस्राईल को तेरे साथ भेज देंगे [283]।” (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-आराफ आयत 134 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरा अल-आ'राफ़ – आयत 134 की तफ़्सीर

✅ [281] मुश्किल वक़्त में दुआ की दरख़्वास्त

  • जब अज़ाब उतरता, फिरऔन और उसकी क़ौम हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) से दुआ की फ़रियाद करते।
  • वे कहते कि अल्लाह का जो एहद (वादा / रिश्ता) तुझसे है, उसके हक़ में हमारे लिए दुआ कर।
  • यह दिखाता है कि अंदर ही अंदर फिरऔन हज़रत मूसा की नबूवत को मानता था, मगर खुलकर तस्लीम नहीं करता था।
  • यह भी हक़ीक़त सामने आती है कि मुसीबत के वक़्त इंसान फ़ितरी तौर पर नेक बन्दों की दुआ का सहारा लेता है।

✅ [282] अज़ाब हटाने की दरख़्वास्त

  • वे कहते कि अगर तू हमसे यह अज़ाब हटा दे, तो हम ईमान ले आएँगे।
  • हालाँकि अज़ाब हटाने वाला हक़ीक़तन अल्लाह ही है, मगर उन्होंने उसे हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) की दुआ का नतीजा समझा।
  • अल्लाह तआला ने इस तरह की तख़ातुब को शिर्क नहीं ठहराया, बल्कि यह हक़ीक़त मानी गई कि पैग़म्बर अल्लाह की इजाज़त से वसीला और ज़रिया होते हैं।

✅ [283] बनी इस्राईल को आज़ाद करने का वादा

  • फिरऔन ने वादा किया कि अगर अज़ाब हट गया, तो वह बनी इस्राईल को हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) के साथ जाने देगा।
  • इससे साबित होता है कि उसने पैग़म्बरी की सिफ़ारिश और वसीले को माना, मगर उसका ईमान सिर्फ़ जबानी था, दिल से नहीं।

👉 यानी फिरऔन और उसकी क़ौम ने मुश्किल वक़्त में पैग़म्बर की दुआ और अल्लाह से उनके रिश्ते का इकरार किया, लेकिन अज़ाब टलने के बाद फिर अपने वादे से फिर गए।

 

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