कुरान - 7:82 सूरह अल-आराफ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

82
وَمَا كَانَ جَوَابَ قَوۡمِهِۦٓ إِلَّآ أَن قَالُوٓاْ أَخۡرِجُوهُم مِّن قَرۡيَتِكُمۡۖ إِنَّهُمۡ أُنَاسٞ يَتَطَهَّرُونَ

Transliteration: (Wa maa kaana jawaaba qawmihee illaa an qaalooo akhrijoohum min qaryatikum innahum unaasuny yatatahharoon)

और उनकी क़ौम का कोई जवाब न था सिवाय इसके कि उन्होंने कहा: 'इन्हें अपनी बस्ती से निकाल बाहर करो! ये ऐसे लोग हैं जो बहुत पाक-साफ़ बनते हैं।' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-आराफ आयत 82 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह अल-आअराफ़ - आयत 82

✅ पाकीज़गी का मज़ाक़

मुजरिम जब जुर्म में डूब जाते हैं तो पाकीज़गी और हया का मज़ाक़ उड़ाते हैं और नेकों को शहर-बदर करने की धमकियां देते हैं।

Sign up for Newsletter

×

Download Our Quran App

For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.

Download Now