कुरान - 7:80 सूरह अल-आराफ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

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وَلُوطًا إِذۡ قَالَ لِقَوۡمِهِۦٓ أَتَأۡتُونَ ٱلۡفَٰحِشَةَ مَا سَبَقَكُم بِهَا مِنۡ أَحَدٖ مِّنَ ٱلۡعَٰلَمِينَ

Transliteration: (Wa Lootan iz qaala liqawmiheee ata'toonal faahishata maa sabaqakum bihaa min ahadim minal 'aalameen)

और (हमने) लूत को भेजा जब उन्होंने अपनी क़ौम से कहा: 'क्या तुम ऐसी बेहयाई करते हो जो तुमसे पहले तमाम जहानों में किसी ने नहीं की?' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-आराफ आयत 80 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह अल-आअराफ़ - आयत 80

✅ हज़रत लूत (अलै.) और क़ौमे लूत की बदकारी

क़ौमे लूत ने हमजिंस-परस्ती (मर्दों का मर्दों से शहवत पूरी करना) जैसी घिनौनी और फ़ितरत के ख़िलाफ़ बदकारी ईजाद की थी।

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