134
تِلۡكَ أُمَّةٞ قَدۡ خَلَتۡۖ لَهَا مَا كَسَبَتۡ وَلَكُم مَّا كَسَبۡتُمۡۖ وَلَا تُسۡـَٔلُونَ عَمَّا كَانُواْ يَعۡمَلُونَ
Transliteration: (Tilka ummatun qad khalat lahaa maa kasabat wa lakum maa kasabtum wa laa tus'aloona 'ammaa kaanoo ya'maloon)
134. वह एक ऐसी क़ौम थी जो गुजर चुकी है; उन्हें वही मिलेगा जो उन्होंने कमाया, और तुम्हें वही मिलेगा जो तुम कमाओगे। और तुम्हें उनके कामों का कोई सवाल नहीं किया जाएगा। [268] (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)
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