कुरान - 2:16 सूरह अल-बक़रा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

16
أُوْلَـٰٓئِكَ ٱلَّذِينَ ٱشۡتَرَوُاْ ٱلضَّلَٰلَةَ بِٱلۡهُدَىٰ فَمَا رَبِحَت تِّجَٰرَتُهُمۡ وَمَا كَانُواْ مُهۡتَدِينَ

Transliteration: (Ulaaa'ikal lazeenash tara wud dalaalata bilhudaa famaa rabihat tijaaratuhum wa maa kaanoo muhtadeen)

16. वे वही लोग हैं जिन्होंने हिदायत के बदले गुमराही को खरीदा [32], लेकिन उनका यह सौदा उन्हें कोई फ़ायदा न दे सका, और यक़ीनन वे हिदायत का रास्ता पहचान न सके। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-बक़रा आयत 16 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

[32] सच्चाई को छोड़कर गुमराही खरीदना

इनके सामने इस्लाम भी था और कुफ्र (इनकार) भी — लेकिन इन्होंने ईमान को एक सौदे की तरह देखा और हिदायत को बेचकर गुमराही खरीद ली।
👉 यह सौदा पूरी तरह नुकसान वाला रहा — ना इन्हें रूहानी फ़ायदा हुआ, और ना ये सही रास्ता पहचान सके।

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