कुरान - 2:199 सूरह अल-बक़रा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

199
ثُمَّ أَفِيضُواْ مِنۡ حَيۡثُ أَفَاضَ ٱلنَّاسُ وَٱسۡتَغۡفِرُواْ ٱللَّهَۚ إِنَّ ٱللَّهَ غَفُورٞ رَّحِيمٞ

Transliteration: (Summa afeedoo min haisu afaadan naasu wastagh firullaah; innal laaha Ghafoor ur-Raheem)

फिर तुम भी वहीं से पलटो जहां से सब लोग पलटते हैं, और अल्लाह से मग़फ़िरत तलब करो; बेशक अल्लाह बड़ा बख़्शने वाला, निहायत रहम फ़रमाने वाला है। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-बक़रा आयत 199 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह अल-बक़रह - आयत 199

✅ अरफ़ात से वापसी और मुसावात

कुरैश तकब्बुर की वजह से मुज़दलिफ़ा में ठहरते थे और अरफ़ात नहीं जाते थे। अल्लाह ने हुक्म दिया कि सब इंसानों की तरह अरफ़ात जाकर वहीं से वापस पलटो, क्योंकि अल्लाह के नज़दीक सब बराबर हैं।

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