कुरान - 2:267 सूरह अल-बक़रा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

267
يَـٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوٓاْ أَنفِقُواْ مِن طَيِّبَٰتِ مَا كَسَبۡتُمۡ وَمِمَّآ أَخۡرَجۡنَا لَكُم مِّنَ ٱلۡأَرۡضِۖ وَلَا تَيَمَّمُواْ ٱلۡخَبِيثَ مِنۡهُ تُنفِقُونَ وَلَسۡتُم بِـَٔاخِذِيهِ إِلَّآ أَن تُغۡمِضُواْ فِيهِۚ وَٱعۡلَمُوٓاْ أَنَّ ٱللَّهَ غَنِيٌّ حَمِيدٌ

Transliteration: (Yaaa 'ayyuhal lazeena aamanooo anfiqoo min taiyibaati maa kasabtum wa mimmaaa akhrajna lakum minal ardi wa laa tayammamul khabeesa minhu tunfiqoona wa lastum bi aakhizeehi illaaa an tughmidoo feeh; wa'lamooo annal laaha Ghaniyyun Hameed)

ऐ ईमान वालो! अपनी हलाल कमाई में से और उन चीज़ों में से जो हमने तुम्हारे लिए ज़मीन से निकाली हैं अच्छी चीज़ें (अल्लाह की राह में) ख़र्च करो; और ख़राब चीज़ों को ख़र्च करने का इरादा न करो जिसे तुम ख़ुद कभी न लो सिवाय इसके कि आंखें बंद कर लो; और जान रखो कि अल्लाह बे-परवाह, तारीफ़ के लायक़ है। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-बक़रा आयत 267 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह अल-बक़रह - आयत 267

✅ हलाल और बेहतरीन माल का सद्क़ा

सद्क़ा व ख़ैरात में घटिया, रद्दी या ख़राब माल देने से मना फ़रमाया गया; अल्लाह की बारगाह में अपनी पसंदीदा और उम्दा हलाल चीज़ें पेश करनी चाहिए।

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