Transliteration: (Allazeena yunfiqoona amwaalahum billaili wan nahaari sirranw wa 'alaaniyatan falahum ajruhum 'inda Rabbihim wa laa khawfun 'alaihim wa laa hum yahzanoon)
✅ [725] हज़रत अबू बकर सिद्दीक (रजि) का महान उदाहरण
यह आयत हज़रत अबू बकर सिद्दीक (रजि) के सम्मान में उतरी — जो पैगंबर ﷺ के सबसे करीबी साथी और समर्थक थे। इस आयत से हमें पता चलता है कि दान दोनों तरीके से दिया जा सकता है:
✅ [726] ईमानदार और निःस्वार्थों के लिए शुभ समाचार
यह आयत पुष्टि करती है कि हज़रत अबू बकर सिद्दीक (रजि) वास्तव में अपार पुरस्कार के हकदार हैं। उनके सच्चे कर्म अल्लाह के सामने पूरी तरह स्वीकार किए गए हैं। वे अल्लाह के सच्चे दोस्त (अव्वलिया) में से हैं — जिनका इस दुनिया और आने वाले संसार दोनों में सम्मान है।
उनका वर्णन इस प्रकार किया गया है:
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