कुरान - 2:284 सूरह अल-बक़रा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

284
لِّلَّهِ مَا فِي ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَمَا فِي ٱلۡأَرۡضِۗ وَإِن تُبۡدُواْ مَا فِيٓ أَنفُسِكُمۡ أَوۡ تُخۡفُوهُ يُحَاسِبۡكُم بِهِ ٱللَّهُۖ فَيَغۡفِرُ لِمَن يَشَآءُ وَيُعَذِّبُ مَن يَشَآءُۗ وَٱللَّهُ عَلَىٰ كُلِّ شَيۡءٖ قَدِيرٌ

Transliteration: (Lillaahi maa fissamaawaati wa maa fil ard; wa in tubdoo maa feee anfusikum aw tukhfoohu yuhaasibkum bihil laa; fayaghfiru li mai yashaaa'u wa yu'azzibu mai yashaaa'u;wallaahu 'alaa kulli shai in qadeer)

आसमानों और ज़मीन में जो कुछ है सब अल्लाह ही का है; और जो कुछ तुम्हारे दिलों में है चाहे तुम उसे ज़ाहिर करो या उसे छुपाओ, अल्लाह तुमसे उसका हिसाब लेगा; फिर वह जिसे चाहेगा मुआफ़ फ़रमाएगा और जिसे चाहेगा अज़ाब देगा; और अल्लाह हर चीज़ पर क़ादिर है। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-बक़रा आयत 284 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह अल-बक़रह - आयत 284

✅ दिलों के भेदों का हिसाब और क़ुदरते इलाही

अल्लाह आसमान व ज़मीन का अकेला मालिक है। इंसान की ज़ाहिर व बातिन हर नीयत और इरादे का इल्म अल्लाह को है और वह अपने अदल व रहमत से उसका हिसाब फ़रमाएगा।

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