कुरान - 2:88 सूरह अल-बक़रा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

88
وَقَالُواْ قُلُوبُنَا غُلۡفُۢۚ بَل لَّعَنَهُمُ ٱللَّهُ بِكُفۡرِهِمۡ فَقَلِيلٗا مَّا يُؤۡمِنُونَ

Transliteration: (Wa qaaloo quloobunaa ghulf; bal la'anahumul laahu bikufrihim faqaleelam maa yu'minoon)

[88] और उन्होंने (यहूद ने) कहा, "हमारे दिलों पर परदे हैं।" बल्कि, अल्लाह ने उनके इनकार के कारण उन पर لعनत की है। इसलिए उनमें से बहुत ही कम ईमान लाते हैं। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-बक़रा आयत 88 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

[88] यहूद का बहाना और अल्लाह की फटकार

यहूद ने यह दावा किया कि उनके दिल हक़ की बात को समझने से रोक दिए गए हैं, यानी वो पहले से ही पूरी तरह मार्गदर्शित हैं और किसी नई बात की ज़रूरत नहीं। लेकिन यह एक झूठा बहाना था। असल में, उनके दिलों पर परदे नहीं थे — बल्कि, अल्लाह ने उनके इनकार और ज़िद की वजह से उन पर अपनी रहमत बंद कर दी और उन्हें अपनी लानत का शिकार बना दिया। इस कारण, उनमें से बहुत ही कम लोग ईमान लाए।

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