Transliteration: (Bi'samash taraw biheee anfusahum ai yakfuroo bimaaa anzalal laahu baghyan ai yunazzilal laahu min fadlihee 'alaa mai yashaaa'u min ibaadihee fabaaa'oo bighadabin 'alaa ghadab; wa lilkaafireena 'azaabum muheen)
उन्होंने ईमान को ठुकरा कर अपने आप को बर्बादी में झोंक दिया — जैसे कोई बहुत ही घाटे का सौदा करता है। हर इंसान एक सौदागर की तरह है, उसकी ज़िंदगी एक बाज़ार है और हर सांस एक सौदा है। जो इस ज़िंदगी को अच्छे अमाल कमाने में लगाता है, वो सफल है; और जो कुफ्र और गुनाह में लगाता है, वो दीवालिया है।
बनी इसराईल इसलिए नाराज़ थे कि आख़िरी नबूवत उनके क़बीले में नहीं आई, बल्कि एक अरब — हज़रत मुहम्मद ﷺ को मिली। इस हसद ने उन्हें अंधा कर दिया, और उन्होंने जानने के बावजूद हक़ का इनकार कर दिया। इससे ये सीख मिलती है कि हसद इंसान को हक़ से रोक सकता है।
अपने घमंड और इंकार के कारण, उन्होंने अल्लाह का ग़ज़ब बार-बार झेला — कभी ज़िल्लत, कभी तबाही, कभी अल्लाह की फटकार। और आख़िर में, उनके लिए इस दुनिया में भी रुसवाई है और आख़िरत में भी ज़िल्लत भरी सज़ा तय है।
For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.
संबंधित आयात (विषय) / Related Ayat