Transliteration: (Wa naza'naa ma fee sudoorihim min ghillin ikhwaanan 'alaa sururim mutaqaabileen)
और हमने उनके सीनों में जो कुछ रंजिश थी सब निकाल दी [55]; आपस में भाई बनकर तख़्तों पर आमने-सामने बैठे हैं [56]।
जन्नत में दाख़िले से पहले ईमान वालों के दिलों से दुनियावी रंजिश और शिकायत बिल्कुल साफ़ कर दी जाएगी — जैसे हज़रत अली और हज़रत अमीर मुआविया रज़ियल्लाहु अन्हुमा और दीगर हज़रात जिनके दरमियान दुनिया में इख़्तिलाफ़ात हुए, वे जन्नत में बिना किसी मैल और रंजिश के आपस में गहरे भाई बनकर रहेंगे।
अमल: अगर इस आयत को किसी मिठाई वग़ैरा पर दम करके उन लोगों को खिलाया जाए जिनके दरमियान आपस में रंजिश या नफ़रत हो, तो इंशाअल्लाह उनके दिलों की नफ़रत दूर होकर आपस में मोहब्बत व इत्तिफ़ाक़ पैदा हो जाता है।
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