कुरान - 15:1 सूरह अल-हिज्र अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

1
الٓرۚ تِلۡكَ ءَايَٰتُ ٱلۡكِتَٰبِ وَقُرۡءَانٖ مُّبِينٖ

Transliteration: (Alif-Laaam-Raa; tilka Aayaatul Kitaabi wa Qur-aa-nim Mubeen)

अलिफ़-लाम-रा। ये उस किताब और रौशन क़ुरआन [1] की आयतें हैं। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-हिज्र आयत 1 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-हिज्र – आयत 1 की तफ़सीर (तफ़सीरे नईमी)

अलिफ़-लाम-रा। ये उस किताब और रौशन क़ुरआन [1] की आयतें हैं।

[1] मुक़द्दस कलाम के मुबारक नाम

इसका मतलब यह है कि इस पाक व मुक़द्दस कलाम का नाम 'क़ुरआन' भी है और 'किताब' भी। इसे नाज़िल किया गया और इसकी तिलावत की जाती है, इसलिए यह क़ुरआन (पढ़ा जाने वाला कलाम) है; और चूँकि यह लौह-ए-महफ़ूज़ में लिखा हुआ है, इसलिए इसे 'किताब' कहा गया है।

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