कुरान - 15:6 सूरह अल-हिज्र अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

6
وَقَالُواْ يَـٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِي نُزِّلَ عَلَيۡهِ ٱلذِّكۡرُ إِنَّكَ لَمَجۡنُونٞ

Transliteration: (Wa qaaloo yaaa aiyuhal lazee nuzzila 'alaihiz Zikru innaka lamajnoon)

और बोले, "ऐ वह शख़्स जिस पर क़ुरआन उतरा [8]! बेशक तुम ज़रूर दीवाने हो [9]।" (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-हिज्र आयत 6 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-हिज्र – आयत 6 की तफ़सीर (तफ़सीरे नईमी)

और बोले, "ऐ वह शख़्स जिस पर क़ुरआन उतरा [8]! बेशक तुम ज़रूर दीवाने हो [9]।"

[8] काफ़िरों का मज़ाक़ और तन्ज़

काफ़िरों का यह कहना क़ुरआन-ए-पाक की तस्दीक़ के लिए नहीं था बल्कि मज़ाक़ उड़ाने के तौर पर था। या इसका मतलब यह है कि "तुम्हारे ख़याल में" तुम पर क़ुरआन उतरा है; क्योंकि हक़ीक़त में काफ़िर क़ुरआन के उतरने को नहीं मानते थे। इसी वजह से आगे आयत 11 में फ़रमाया गया कि वे मज़ाक़ उड़ाते थे।

[9] नबी करीम ﷺ की शान में गुस्ताख़ी

अब्दुल्लाह बिन उमय्या ने हुज़ूर अकरम ﷺ को (मआज़अल्लाह) दीवाना कहा था, फिर दूसरों ने उसकी पैरवी की (तफ़सीरे रूहुल बयान)। इससे मालूम हुआ कि नबी कभी दीवाना (पागल) नहीं हो सकता। अम्बिया किराम बहरेपन, गूँगेपन, दीवानेपन वग़ैरा तमाम ऐबों से पाक और महफ़ूज़ होते हैं; वे कायनात में सबसे आला अक़्ल के मालिक होते हैं।

Sign up for Newsletter

×

Download Our Quran App

For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.

Download Now