Transliteration: (Law maa taateenaa bil malaaa'ikati in kunta minas saadiqeen)
"हमारे पास फ़रिश्तों को क्यों नहीं लाते अगर तुम सच्चे हो [10]?"
यानी ऐसे फ़रिश्ते जो ज़ाहिरी तौर पर आपकी मदद करें और आपकी सच्चाई की गवाही दें। इससे दो बातें मालूम होती हैं:
अरब के मुश्रिकीन फ़रिश्तों के वजूद को मानते थे, बल्कि वे उन्हें (मआज़अल्लाह) अल्लाह की बेटियाँ क़रार देते थे।
वे पत्थरों और कंकड़ों से कलिमा पढ़ता सुन चुके थे, इसलिए अब उन्होंने फ़रिश्तों का मुतालबा किया; वर्ना वे पत्थरों से कलिमा पढ़ने का मुतालबा करते।
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