कुरान - 3:124 सूरह आल-इमरान अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

124
إِذۡ تَقُولُ لِلۡمُؤۡمِنِينَ أَلَن يَكۡفِيَكُمۡ أَن يُمِدَّكُمۡ رَبُّكُم بِثَلَٰثَةِ ءَالَٰفٖ مِّنَ ٱلۡمَلَـٰٓئِكَةِ مُنزَلِينَ

Transliteration: (Iz taqoolu lilmu'mineena alai yakfiyakum ai-yumiddakum Rabbukum bisalaasati aalaafim minal malaaa'ikati munzaleen)

जब आप मोमिनों से फ़रमा रहे थे: 'क्या तुम्हारे लिए यह काफ़ी नहीं कि तुम्हारा रब तीन हज़ार नाज़िल किए हुए फ़रिश्तों से तुम्हारी मदद फ़रमाए?' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह आल-इमरान आयत 124 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह आले इमरान - आयत 124

✅ तीन हज़ार फ़रिश्तों का नुज़ूल

अल्लाह ने मोमिनों के दिलों की तस्कीन के लिए आसमान से तीन हज़ार फ़रिश्ते बद्र में उतारे।

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