कुरान - 3:125 सूरह आल-इमरान अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

125
بَلَىٰٓۚ إِن تَصۡبِرُواْ وَتَتَّقُواْ وَيَأۡتُوكُم مِّن فَوۡرِهِمۡ هَٰذَا يُمۡدِدۡكُمۡ رَبُّكُم بِخَمۡسَةِ ءَالَٰفٖ مِّنَ ٱلۡمَلَـٰٓئِكَةِ مُسَوِّمِينَ

Transliteration: (Balaaa; in tasbiroo wa tattaqoo wa ya'tookum min fawrihim haazaa yumdidkum Rabbukum bikhamsati aalaafim minal malaaa'ikati musawwimeen)

हां! क्यों नहीं, अगर तुम सब्र करो और तक़्वा इख़्तियार करो और दुश्मन अचानक तुम पर आ चढ़ें, तो तुम्हारा रब पांच हज़ार ख़ास निशानज़दा फ़रिश्तों से तुम्हारी मदद फ़रमाएगा। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह आल-इमरान आयत 125 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह आले इमरान - आयत 125

✅ पांच हज़ार निशानज़दा फ़रिश्ते

सब्र और तक़्वा की शर्त पर अल्लाह ने पांच हज़ार ख़ास अम्मामा बांधे हुए फ़रिश्तों की फ़ौज से इमदाद का वादा फ़रमाया।

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