कुरान - 3:127 सूरह आल-इमरान अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

127
لِيَقۡطَعَ طَرَفٗا مِّنَ ٱلَّذِينَ كَفَرُوٓاْ أَوۡ يَكۡبِتَهُمۡ فَيَنقَلِبُواْ خَآئِبِينَ

Transliteration: (Laiyaqta'a tarafam minal lazeena kafarooo aw yakbitahum fayanqaliboo khaaa'ibeen)

ताकि वह काफ़िरों के एक हिस्से को काट दे या उन्हें ज़लील व रुस्वा कर दे ताकि वे नाकाम होकर वापस लौट जाएं। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह आल-इमरान आयत 127 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह आले इमरान - आयत 127

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