कुरान - 3:126 सूरह आल-इमरान अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

126
وَمَا جَعَلَهُ ٱللَّهُ إِلَّا بُشۡرَىٰ لَكُمۡ وَلِتَطۡمَئِنَّ قُلُوبُكُم بِهِۦۗ وَمَا ٱلنَّصۡرُ إِلَّا مِنۡ عِندِ ٱللَّهِ ٱلۡعَزِيزِ ٱلۡحَكِيمِ

Transliteration: (Wa maa ja'alahul laahu illaa bushraa lakum wa litatma'inna quloobukum bih' wa man-nasru illaa min 'indilllaahil 'Azeezil Hakeem)

और यह (फ़रिश्तों का आना) अल्लाह ने सिर्फ़ तुम्हारे लिए ख़ुशख़बरी बनाया ताकि इसके ज़रिए तुम्हारे दिलों को इत्मीनान हासिल हो; और मदद तो सिर्फ़ अल्लाह ही की तरफ़ से होती है जो बड़ा ज़बरदस्त, हिकमत वाला है। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह आल-इमरान आयत 126 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह आले इमरान - आयत 126

✅ हक़ीक़ी नुसरत अल्लाह ही की तरफ़ से

अस्बाब ज़ेहन के इत्मीनान के लिए हैं, असल जीत और ग़लबा सिर्फ़ क़ादिरे मुतलक़ अल्लाह की ताक़त से मिलता है।

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