कुरान - 3:129 सूरह आल-इमरान अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

129
وَلِلَّهِ مَا فِي ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَمَا فِي ٱلۡأَرۡضِۚ يَغۡفِرُ لِمَن يَشَآءُ وَيُعَذِّبُ مَن يَشَآءُۚ وَٱللَّهُ غَفُورٞ رَّحِيمٞ

Transliteration: (Wa lillahi maa fissamaawaati wa maa fil-ard; yaghfiru limai-yashaaa'u wa yu'azzibu mai-yashaaa'; wallaahu Ghafoorur Raheem)

और आसमानों और ज़मीन में जो कुछ है सब अल्लाह ही का है; वह जिसे चाहे मुआफ़ फ़रमाए और जिसे चाहे अज़ाब दे; और अल्लाह बड़ा बख़्शने वाला, निहायत रहम फ़रमाने वाला है। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह आल-इमरान आयत 129 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह आले इमरान - आयत 129

✅ रब्बुल आलमीन की बादशाही

पूरी कायनात का तन्हा मालिक अल्लाह है, उसकी रहमत व मग़फ़िरत उसके अज़ाब पर ग़ालिब है।

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