Transliteration: (Iny-yansurkumul laahu falaa ghaaliba lakum wa iny-yakhzulkum faman zal lazee yansurukum min ba'dih; wa 'alal laahi falyatawakkalil mu'minoon)
अगर तुम अल्लाह की मदद चाहते हो, तो उस पर पूरा भरोसा रखो।
जब अल्लाह मदद करता है, तब चाहे सारी दुनिया दुश्मन बन जाए,
उसकी मदद तमाम रुकावटों पर भारी पड़ती है।
कोई ताक़त उस मोमिन पर ग़ालिब नहीं आ सकती,
जिसके साथ अल्लाह की नुसरत (मदद) शामिल होती है।
इससे मुराद यह है कि अगर अल्लाह तअला किसी को ज़लील और बेसहारा कर दे,
तो फिर कोई भी उसे सहारा नहीं दे सकता।
ध्यान रहे कि यह अल्लाह की फ़ितरत नहीं है कि वह छोड़ दे,
बल्कि यह बंदे की नाफ़रमानी और बे-रुख़ी का नतीजा होता है।
जब अल्लाह की मदद छिन जाती है,
तो दुनिया की सारी ताक़तें भी मिलकर कुछ नहीं कर सकतीं।
इस्लामी बुज़ुर्गों ने तवक्कुल (भरोसे) की तीन निशानियाँ बताई हैं:
ऐसा भरोसा इंसान को जन्नत में ऊँचे दर्जे तक पहुँचा देता है।
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