कुरान - 3:54 सूरह आल-इमरान अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

54
وَمَكَرُواْ وَمَكَرَ ٱللَّهُۖ وَٱللَّهُ خَيۡرُ ٱلۡمَٰكِرِينَ

Transliteration: (Wa makaroo wa makaral laahu wallaahu khairul maakireen)

और उन्होंने चाल चली, और अल्लाह ने भी एक योजना बनाई, और निःसंदेह अल्लाह सबसे बेहतर योजना बनाने वाला है [117]। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह आल-इमरान आयत 54 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह आले-इमरान – आयत 54 की तफ़्सीर

 

✅ [117] अल्लाह की योजना उनकी चालों पर भारी

“मक्र” का मतलब है छिपकर चाल चलना। इस आयत में यहूद की उस साज़िश की तरफ़ इशारा है जिसमें उन्होंने हज़रत ईसा (अलैहिस्सलाम) को क़त्ल करने की योजना बनाई थी।

लेकिन:

  • अल्लाह ने उनकी चाल को नाकाम बना दिया।
  • एक साज़िशकर्ता को ईसा (अलैहिस्सलाम) जैसा बना दिया गया, और उसी को सूली दी गई।
  • हज़रत ईसा (अलैहिस्सलाम) को बग़ैर नुक़सान के आसमान पर उठा लिया गया।

यह आयत यह साबित करती है कि:

  • अल्लाह की तदबीर इंसानों की सारी चालों से ऊपर और सबसे कामयाब है।
  • जो लोग अल्लाह के नबी और उसके दीन के ख़िलाफ़ साज़िशें करते हैं, वे कभी कामयाब नहीं होते।
  • असली कामयाबी सिर्फ अल्लाह की मर्ज़ी और तदबीर में है।

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