कुरान - 3:80 सूरह आल-इमरान अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

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وَلَا يَأۡمُرَكُمۡ أَن تَتَّخِذُواْ ٱلۡمَلَـٰٓئِكَةَ وَٱلنَّبِيِّـۧنَ أَرۡبَابًاۚ أَيَأۡمُرُكُم بِٱلۡكُفۡرِ بَعۡدَ إِذۡ أَنتُم مُّسۡلِمُونَ

Transliteration: (Wa laa yaamurakum an tattakhizul malaaa 'ikata wan Nabiyyeena arbaabaa; a yaamurukum bilkufri ba'da iz antum muslimoon)

और न वह तुम्हें यह हुक्म देगा कि तुम फ़रिश्तों और नबियों को रब (माबूद) बना लो; क्या वह तुम्हें ईमान लाने के बाद कुफ़्र का हुक्म देगा? (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह आल-इमरान आयत 80 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह आले इमरान - आयत 80

✅ फ़रिश्तों और नबियों की इबादत की मुमानअत

फ़रिश्ते और नबी अल्लाह के मुक़र्रब बंदे हैं, माबूद नहीं। उन्हें ख़ुदा का दर्जा देना खुला कुफ़्र है।

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